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सोमवार, 1 अक्टूबर 2012

गैहू के जवारा का रस

गैहू ज्वारा रस [ गैहू जूस ] = आप ने देखा होगा बरसात के दिनों में चारों तरफ हरियाली होती तो नजर देखने में जो आनंद आता वो किसी मौसम में नही आता ,हरी घास ,हरी दूब को देखकर उस के उपर लोटने को दिल करता है . वैसे ही गैहू के जवारे यानि अंकुरित गैहू के बाद में चार अंगुल कि वृर्दी को ज्वारा के रूप में काम लिया जाता है .यह सभी प्रकार की बीमारियों में चमत्कार कार्य करता है .गैहू के जवारे का रस पिने से मानव शरीर का विष को बाहर  निकाल देता है जिस से शरीर रोग मुक्त हो जाता है , त्वचा ,वृक्क ,आते ,फेफड़े ,अम्लपित ,और यकृत में छिपा विष को त्वचा के पसीने से , आंतो के मल से और वृक्क से पेशाब द्वुआरा बाहर निकाल देता है .इस में सभी प्रकार के विटामिन पाए जाते है एवं क्लोरोफिल नामक तत्व होने से इस को वनस्पति का हरा रक्त भी कहते है .09829085951                                            अन्कुरित गेहू के जवारे 
  
Sprouted Wheat