सोमवार, 11 मार्च 2013

फेसबुक पर सत्य-असत्य का श्रम लिए युवा इस प्रकार से जीते है .

भ्रम और सत्य में बहुत अंतर होता है  -_- कई बार नकल में अनुभव हीनता के कारण इन्सान जो ग़लतियाँ  करता इस का परिणाम आने के बाद भी स्वीकार नही करता जिसकी आदत बन चुकी होती है क्यों की भ्रम में ही आदत को अपने अहम को ठेस नही लगे इस लिए जीता है . मान ली जिये की ऊंट-ऊंटनी में जो भेद नही कर पता उस के लिए दोनों दुधारू पशु है ,दिखने में नर - मादा दोनों समांतर दिखाई देते है परन्तु लगन से देखा जाए तो पता चलता है की दोनों मे अंतर है .अज्ञात के लालच में ऊंट के पीछे सियार चलता की उस का होट गिरे गा और में आहार के रूप में खाऊंगा ,जब की ऐसा होता नहीं है .इस प्रकार आज काल लोग भ्रम की चाहत में ज्यातर फेसबुक पर पीछा करते नजर आ रहे है जो भरम के आनंद से आन्द्दित हो रहे है और युवा अपने जीवन के भी मूल्यवान समय को खो रहे है ,फेसबुक अच्छी-ख़ासी शिक्षा पूर्ण है अगर इसका सही मायने मे उपयोग लिया जाए और कुछ लोग भ्रम से बाहर है .अपना व्यवसाय , शिक्षा ,ज्ञान ,अभिवृदी , आय ,स्वस्थ्य आदि को आदान प्रदान को बढ़ावा दे रहे परन्तु समय बर्बादी ज्यादातर लोग कर रहे है .  

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