बुधवार, 18 दिसंबर 2013

अभाव

भाव हीनता  के कारण
अभाव होने से मानव ठगा, पिछड़ा या कमजोर बनने के बहुत से कारण होते हैं, जिसके पीछे मानसिक कमजोरियों का अध्ययन करना आवश्यक होता की समांतरता अवसर मिलने के बावजूद पिछड़ापन क्यों .
मानसिक अंधे और बहरे भी होते हैं - जो चेतना के शून्य काल के कारण ऐसा प्राय मानवीय अनुसंधानकर्ताओं परख हैं. जो विचारों की गति मंद या अति तीव्र होने से भी अंधे और बहरे हो जाते हैं, मनोजन्य अंधापन होने से, जिसके कारण अपनी आँखो से सुंदरता नही दिखती या दोष भी दिखाई नही देता.सवाल सुंदरता तक नही होता कई बार सब्जी खरीदते, कपड़ा खरीदते, अथवा कोई उत्पादन को खरीदते समय में उसके गुण पर ध्यान पूर्वक नही रहने से हम ठगे रह जाते. जो सफलतापूर्वक हमारे प्रयासों पर पानी फिर जाता जब हम किसी जिंदगी के महत्वपूर्ण परीक्षाओं फेल हो जाते हैं. ठीक उसी तरह से मनोजन्य बहरापन होने से सामने होने वाले संगीत या संगीतकार हो या भाषण सुनाई नही देता. हमारे जीवन में कई बार उन महत्वपूर्ण बातों या विशेषताओ हो नही सुन पाने के कारण जीवन के अनमोल पहलुओं से वंचित हो जाते हैं. जैसे पिता-माता या गुरु  में कहा की परीक्षा आज कर्फ्यू के कारण परीक्षा रद्द हो गई और नही सुन कर जाने से समय की बर्बादी के साथ साथ कर्फुयु से पीड़ित होना या आने जाने में बाधाओं का सामना करना कोई समझदारी नही होती .   

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